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की सातम शास्त्रीय भाषाक दर्जा मैथिली केँ भेटत ? – Century Times | Maithili Version
Monday, September 3, 2018
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की सातम शास्त्रीय भाषाक दर्जा मैथिली केँ भेटत ?

मुजफ्फरपुर : मैथिली भारतीय संविधान मे रहल 22 टा राजभाषा मे सं एक अछि, भारतक पुरान भाषा मे सं एकटा स्वतंत्र भाषा जेकर अप्पन लिपि अछि आ मैथिली ”शास्त्रीय भाषा” बनबा लेल अधिकतर मानक पर ठाढ़ उतरैत अछि। आब मोन मे आएल होएत जे शास्त्रीय भाषा(Classical Language) बनला सं मैथिली केँ की फायदा होएत ? शास्त्रीय भाषा घोषित कएल जेबा सं भाषा केँ होमय वला फायदा : #1. संबंधित भाषामे प्रतिष्ठित विद्वानक लेल प्रति बरख दू टा पैघ अंर्तराष्ट्रीय सम्मान #2. शास्त्रीय भाषामे अध्ययन क लेल उत्कृष्टषता केंद्र स्थापित कएल जा सकैत अछि #3. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सं निवेदन कएल जा सकैत अछि जे कम सं कम केन्द्रीय विश्वविद्यालयमे संबंधित भाषा मे विशेषज्ञता प्राप्त शोधार्थी लेल शास्त्रीय भाषाक किछु निश्चित सीट शुरू कएल जाए आदि। अखन धरि संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम आ उड़िया केँ शास्त्रीय भाषाक दर्जा देल गेल अछि। मैथिली केँ शास्त्रीय भाषाक दर्जा भेटय ताहि लेल मिथिला-मैथिलीक सैकड़ो संगठन केँ सोचबाक चाही, कियैक तऽ एहि सं बस फायदा अछि, तैँ मैथिली के भारतक सातम शास्त्रीय भाषा बनेबाक लेल आगां ऐबाक चाही। की सातम शास्त्रीय भाषाक दर्जा मैथिली केँ भेटत ?

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