#TurkeyCoupAttempt : तख्‍तापलट की नाकाम कोशिश में तुर्की में 60 लोगों की मौत, 336 गिरफ्तार

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भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर : अंकारा – +905303142203, इस्तांबुल – +905305671095

अंकारा :
तुर्की में बीती रात सेना के सेना की एक धड़े की तख्तापलट की कोशिश के चलते हुई हिंसा में कम से कम 60 लोग मारे गए हैं और 336 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मारे गए लोगों में ज्यादातर असैनिक हैं, जबकि गिरफ्तार किए गए ज्यादातर लोग सैनिक हैं. अधिकारी ने कोई ब्योरा नहीं दिया. तुर्की अधिकारियों ने आज बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने राजधानी अंकारा में रात भर हुए विस्फोटों, हवाई संघर्ष एवं गोलीबारी के बाद सैन्य तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया है.

सरकारी मीडिया के अनुसार तख्तापलट की कोशिश में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं जबकि ‘एएफपी’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एनटीवी ने गोलबासी जिले में मुख्य अभियोजक के कार्यालय के हवाले से कहा है कि अंकारा में 42 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 17 पुलिस कर्मी हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने सीएनएन तुर्क स्टेशन को फेसटाइम पर दिए साक्षात्कार में सैन्य कार्रवाई को ‘सैन्य बलों के बीच एक अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा विद्रोह की एक कोशिश’ कहकर खारिज कर दिया.

बहरहाल, उनके कार्यालय ने यह बताने से इनकार कर दिया कि वह कहां हैं. कार्यालय ने केवल यह कहा कि वह सुरक्षित स्थान पर हैं. देशभर के शहरों में लोग सरकार के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए तख्तापलट की कोशिश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लहराते रहे. एक शीर्ष तुर्की अधिकारी ने कहा कि तख्तापलट की कोशिश नाकाम हुई प्रतीत होती है. वरिष्ठ अधिकारी ने ‘एपी’ को बताया कि सभी सरकारी अधिकारी अपने अपने कार्यालयों के प्रभारी हैं.

अधिकारी ने मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह बात बताई. इससे पहले तुर्क राष्ट्रीय खुफिया के प्रवक्ता नुह यिलमाज ने ‘सीएनएन तुर्क’ को बताया कि तख्तापलट की कोशिश नाकाम कर दी गई है. यिलमाज ने कहा कि मिलिटरी चीफ ऑफ स्टाफ हुलुसी अकर को नियंत्रण में लिया गया है और ‘सब कुछ सामान्य हो रहा है.’ संसद पर बम विस्फोट होने की भी सूचना मिली है. तुर्की में राजनीतिक उथल पथल के दौर के बाद अराजकता की यह स्थिति पैदा हुई है.

इस राजनीतिक उथल पुथल के लिए एर्दोगन के कथित रुप से बढते निरंकुश शासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जिसमें सरकार को पूरी तरह बदल देना और असंतुष्ट लोगों एवं विपक्षी मीडिया पर कडी कार्रवाई करना शामिल है. आलोचकों का कहना है कि एर्दोगन ने शांति प्रयास विफल रह जाने के बाद तुर्की के कुर्द विद्रोहियों के प्रति कडा रख अख्तिायार किया जिसके कारण घातक संघर्षों में कई सैन्य कर्मी मारे गए.

उनकी सरकार ने सीरिया में गृह युद्ध के शुरुआती वर्षों में वहां सरकार के खिलाफ लड रहे विद्रोही समूहों को लडाकुओं एवं हथियारों की आपूर्ति को कथित रुप से बर्दाश्त किया जिसके कारण इस्लामिक स्टेट समूह को मजबूत बनने में मदद मिली. विश्लेषकों के अनुसार इस नीति ने उस समय उलट वार किया जब तुर्की ने उन कट्टरपंथियों के खिलाफ अमेरिका नीत गठबंधन में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी शुरु की, जिन्हें तुर्की में कई घातक बम विस्फोट करने का जिम्मेदार माना जा रहा है.

तख्तापलट की कोशिश शुक्रवार देर रात तब शुरु हुई जब सेना ने बयान दिया कि उसने ‘संवैधानिक व्यवस्था, लोकतंत्र, मानवाधिकार एवं स्वतंत्रता को पुन: स्थापित करने, देश में कानून के शासन की पुन: स्थापना सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए’ नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.

अंकारा में तुर्क राष्ट्रपति के प्रासाद के नजदीक जेट विमान से बमबारी : टीवी

तुर्की में सेना के एक समूह द्वारा राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की सरकार को हटाने की कोशिश किये जाने के बाद आज अंकारा में राष्ट्रपति प्रासाद के नजदीक जेट विमान से बमबारी की गई. एनटीवी टेलीविजन की खबर के अनुसार बेस्तेपे जिले में काले धुएं को उपर उठते हुये देखा गया। राष्ट्रपति का प्रासाद, बेस्तेपे जिले में स्थित है.

भारत ने तुर्की में सभी पक्षों से रक्तपात नहीं करने की अपील की

तुर्की में तख्तापलट की कोशिश के बाद वहां हुई हिंसा के मद्देनजर भारत ने आज तुर्की के सभी पक्षों से लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश को समर्थन देने और रक्तपात नहीं करने की अपील की. भारत ने तुर्की में रह रहे अपने नागरिकों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्वीट किया, ‘हम तुर्की में हो रही गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं. भारत सभी पक्षों से लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश का सम्मान करने और रक्तपात नहीं करने की अपील करता है.’

भारत ने तुर्की में तख्तापलट की कोशिश की पृष्ठभूमि में वहां रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थिति के और स्पष्ट हो जाने तक सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाएं और घरों के भीतर रहें. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिक : कृपया सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और घरों में रहें. हेल्पलाइन : अंकारा – +905303142203, इस्तांबुल – +905305671095.

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