राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राजपथ पर फहराया तिरंगा, पहली बार दिखा आर्मी श्‍वान दस्‍ता

b

नयी दिल्ली : देश आज अपना 67 वां गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मना रहा है. यह एक ऐसा खास दिन है, जब पूरा देश शहीदों के बलिदान और त्याग को याद करता है. गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में राजपथ पर खास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ठीक 09 : 56 बजे तिरंगा फहराया जिस दौरान 21 तोपों की सलामी दी गयी. इसके बाद राष्ट्रंपति ने परेड की सलामी ली. राष्ट्रपति के साथ मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सहित तमाम लोग मौजूद है.

राष्‍ट्रपति ने लांस नायक मोहननाथ को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया. उनकी पत्नी ने वीरता पुरस्कार स्वीकार किया. राजपथ पर परेड शुरू हो चुका है. लेफ्टिनेंट जनरल राजन रविंद्रन गणतंत्र दिवस परेड की अगुवानी कर रहे हैं. इस परेड में फ्रांसीसी सैन्य टुकड़ी भी नजर आ रही है. राजपथ पर भारत की ताकत दिख रही है. ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन किया जा रहा है. 26 साल बाद पहली बार आर्मी श्‍वान दस्‍ता परेड में शामिल हुआ. राजपथ पर इस साल भी दिखा ऊंट दस्‍ता. अटकलों पर विराम लगाते हुए इसे परेड में शामिल किया गया है.

इससे पहले राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी और फ्रांस के राष्‍ट्रपति ओलांद राजपथ पहुंचे और तीनों सेना प्रमुखों से मुलाकात की. अमर जवान ज्योति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी और फ्रांस के राष्‍ट्रपति ओलांद एक ही कार में सवार होकर राजपथ पहुंचे.

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में आतंकी हमले के खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं. कार्यक्रम के दौरान आसमान की पहरेदारी में सेना के चार हेलिकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं. आइबी ने गणतंत्र दिवस पर अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पैरिस की तर्ज पर आतंकी दिल्ली समेत बड़े महानगरों में हमला कर सकते हैं. ओबामा से भी ज्यादा ओलांद की सुरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. आपको बता दें कि पिछले साल के समारोह के मेहमान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा थे.

आज के कार्यक्रम में दिल्ली के राजपथ पर भारत की सैन्य शक्ति और विभिन्न क्षेत्रों में उसकी उपलब्धियां, अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली, सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक परंपराएं, आत्म-निर्भरता और स्वदेशीकरण पर सरकार का जोर, इन सभी की झलक 67वें गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के दौरान राजपथ पर नजर आ रहीं हैं. गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार फ्रांस की सेना का 76 सदस्यीय दल भी राजपथ पर भारत के राष्ट्रपति को सलामी दे रहा है. इस दल में 48 संगीतकारों का दस्ता भी शामिल है.

परेड में 26 साल के बाद सेना के श्वान (कुत्ता) दस्ते के सदस्य भी अपने हैंडलर्स के साथ नजर आ रहे हैं. परंपराओं के अनुसार, राजपथ पर बीएसएफ के उंट दस्ते के सजे-धजे रंग-बिरंगे 56 उंटों का दस्ता डिप्टी कमांडेंट कुलदीप जे. चौधरी के नेतृत्व में मार्च कर रहा हैं.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *