जानिए, धर्म प्रचार की आड़ में कैसे आतंकी सप्लायर बन गया जाकिर नाइक
धर्म प्रचार की आड़ में ज़ाकिर नाइक बगदादी ब्रिगेड को भारत से आतंकी सप्लाई करने वाला मैनेजर बन गया था. ज़ाकिर नाइक के खिलाफ पिछले एक साल से तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं. जिसमें टेरर फंडिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के मामले शामिल हैं. इस जांच के घेरे में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था है. गृह मंत्रालय ने एक साल की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें ज़ाकिर नाइक के आतंकी कनेक्शन बगदादी ब्रिगेड के साथ जुड़ते दिख रहे हैं.
जाकिर नाइक की कहानी
51 साल का ज़ाकिर नाइक जांच के घेरे में तब आया, जब पिछले साल बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी. बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने बताया था कि ढाका आतंकी हमले में शामिल एक आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक से प्रभावित था. बांग्लादेश ने तुरंत ज़ाकिर नाइक के टीवी चैनल पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था, और इसके ज़रिए ज़ाकिर नाइक अपना प्रोपैगैंडा करता था. ढाका आतंकी हमले के बाद पिछले साल जुलाई में जब भारत में ज़ाकिर नाइक के खिलाफ जांच शुरू हुई, तो वो सऊदी अरब में था, तब से वो भारत वापस नहीं लौटा है.
जाकिर की संस्था पर प्रतिबंध
आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों की जांच करने वाली नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए ने ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पिछले नवंबर में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों पर पुख्ता सबूतों के बीच केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया. देश में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ज़ाकिर नाइक की संस्था पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, मुंबई में नाइक की संस्था के दफ्तरों को बंद करवा दिया गया है.


